उत्तराखंड के चुनावी भविष्य युवाओं के हाथ में होगा। राज्य में 57 फीसदी युवा वोटर हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने फाइनल मतदाता सूची जारी की। इस सूची के मुताबिक राज्य में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 74 लाख 95 हजार 688 हो गई है।
सर्विस वोट जोड़ने के बाद मतदाताओं की संख्या 7599688 पहुंच गई है। राज्य में 3923492 पुरुष व 3572045 महिला मतदाता हैं। राज्य में युवा वोटरों की संख्या 42.85 लाख है।
अक्टूबर माह के बाद 1 लाख 56 हजार 894 नए वोटर बने। इस दौरान 42,272 वोटरों के नाम भी मतदाता सूची हटाए गए। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, छूट गए मतदाताओं के पास 17 जनवरी तक वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने का अंतिम मौका है।
युवा होंगे डिसाइडिंग फैक्टर
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- फोटो : AmarUjala
सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने 10 जनवरी को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची की जानकारी दी। सचिवालय में एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नई सूची जारी की। सीईओ के मुताबिक, एक अक्टूबर के बाद आयोग द्वारा चलाए गए मतदाता जागरूकता अभियान के दौरान युवाओं को वोटर बनने के लिए खासतौर पर प्रेरित किया गया। राज्य में 18 से 19 वर्ष की आयुसीमा के 2,54,137 वोटर हैं।
बहरहाल, नई मतदाता सूची के हिसाब से राज्य का चुनावी भविष्य काफी हद तक युवाओं के हाथ में रहेगा। मतदाता सूची में 18 से 39 वर्ष की आयुसीमा वाले सर्वाधिक वोटर हैं। यानी राज्य में युवा वोटरों की संख्या 42,85,621 है जो कुल वोटरों का 57.17 प्रतिशत है। इस तरह युवा वोटर चुनाव में डिसाइडिंग फैक्टर होगा। बता दें कि सियासी दलों को युवाओं के इस वोट बैंक की पहले से ही भनक है। इस वोट बैंक पर सेंध लगाने के लिए भाजपा-कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों ने खास रणनीति बना रहे हैं।
देखिए, मतदाताओं की आयु के अनुसार संख्या
भारतीय निर्वाचन आयोग
आयुसीमा----- मतदाता
18-19 ------ 2544137
20-29 ------ 2157486
30-39 ------ 1873998
कुल योग ------ 4285621
40-49 ------ 1343779
50-59 ------ 894749
60-69 ------ 589472
70-79 ------ 287063
80 से अधिक- 95004
वोटर लिस्ट में नाम जरूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि वोट डालने के लिए वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होना जरूरी है। वोटर आईडी होने के बावजूद मतदान तभी किया जा सकेगा जब वोटर लिस्ट में नाम होगा। उन्होंने कहा कि 17 जनवरी तक नाम दर्ज कराए जा सकते हैं। 10 जनवरी को मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बावजूद ऐसे वोटरों को मतदान का अधिकार मिलेगा। उन्होंने चेताया कि दो जगह मतदान करने के मामले में दोषी को एक साल की जेल व जुर्माना लग सकता है।