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पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा, हवालात में अभिनव ने लगाई थी फांसी

Tue, 03 Dec 2019 11:53 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • मेडिकल बोर्ड ने जांच को विसरा सुरक्षित रखा, शरीर पर नहीं मिले चोटों के निशान
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फांसी (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सहसपुर थाने की हवालात में दुष्कर्म के आरोपी अभिनव यादव ने फांसी लगाई थी। मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

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हालांकि बोर्ड ने विस्तृत रिपोर्ट को विसरा भी संरक्षित किया गया है। अभिनव के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान भी नहीं पाए गए है। जाहिर है कि थाना परिसर में उसके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं हुई थी।  

नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में पकड़े गए अभिनव यादव ने शुक्रवार रात सहसपुर थाने में मौत हो गई थी। आरोपी हवालात के अंदर एक कील पर लगाए फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अभिनव यादव के शव का पंचायतनामा कराया था।
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उस समय भी शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान पंचायतनामे में दर्ज नहीं हुए थे। पुलिस अभिरक्षा में मौत होने के कारण मेडिकल बोर्ड ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया था। मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देर शाम पुलिस को मिल सकी।

एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बताया कि पीएम रिपोर्ट में हैंगिग आया है। यानि अभिनव ने फांसी लगाई थी। रिपोर्ट में अभिनव के शरीर पर किसी तरह का चोट का निशान भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि  मजिस्ट्रीयल जांच भी शुरू हो गई। थाने के सीसीटीवी फुटेज पहले ही सुपुर्द कर दिए गए हैं। 

मालखाने को बनाई गई थी हवालात

सहसपुर थाने की जिस हवालात में आरोपी अभिनव यादव ने फांसी लगाई थी, वो असलियत में मालखाना थी। पुरानी हवालात बेहद खराब थी। इस लिहाज से थाने के मालखाने को ओपन हवालात के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा था। माल खाना होने के कारण अंदर पहले से कील लगी थी।

मालखाने को हवालात में तब्दील करते समय कील पर किसी का ध्यान नहीं गया। हवालात के अंदर जाते ही अभिनव की नजर उस पर पड़ गई थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी अपने इरादों में कामयाब हो गया था।

सीसीटीवी फुटेज से जाहिर है कि अभिनव ने एक बजकर 40 मिनट के बाद मौत को गले लगाया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले ही नाबालिग छात्रा को मरने की बात कहकर परिजनों को झूठा फंसाने की धमकी दे रहा था। 
 

अजय बरसाती मामले में क्लोजर रिपोर्ट

धारा चौकी पुलिस की कथित पिटाई से हुई अजय बरसाती की मौत के मामले में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट लगा दी है। सितंबर 2012 में पकड़े गए अजय बरसाती की जेल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में परिजनों ने आरोप लगाया था पुलिस पिटाई के चलते उसकी जान गई है।

इस मामले में तत्कालीन चौकी प्रभारी पीडी भट्ट समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। सीबीआई ने जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर पुन: जांच के आदेश दिए थे। उप निरीक्षक भट्ट के मुताबिक सीबीआई ने दूसरी बार जांच कर पुलिस को क्लीन चिट दे दी है। 

उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई

आपदा राहत घोटाले का पर्दाफाश करने वाले और आरटीआई कार्यकर्ता भूपेन्द्र कुमार ने सहसपुर में पुलिस अभिरक्षा में हुई अभिनव यादव की मौत के मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग और नैनीताल हाईकोर्ट को पत्र लिखकर कहा है कि पुलिस की कहानी सवालों के घेरे में है।

आखिर जिस समय अभिनव ने यह कदम उठाया, पुलिस कहां थी, क्यों घंटों बाद इसका पता लगा। इसके अलावा भूपेन्द्र ने आईजी कार्यालय से आरटीआई के तहत सहसपुर थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों की रवानगी से जुड़ी कई जानकारी मांगी है। 

थानों की हवालातों की कराई गई चेकिंग

सहसपुर थाने की हवालात में अभिनव यादव की मौत के बाद जिले भर में पुलिस को अलर्ट किया गया। थानों की हवालातों का बारीकी से निरीक्षण किया गया, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनर्रावृत्ति टाली जा सके।

साथ ही थाना प्रभारियों को रात्रि में हवालात पर फोकस रखने को कहा गया है। सघनता से तलाशी के बाद संबंधित लोगों को हवालात में बंद किया जाए। बीच-बीच में संतरी हवालात में बंद लोगों को चेक करे। उधर पट्टी वाले कंबलों को तत्काल हवालात से हटाने को कहा गया है। 
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हवालात सुसाइड केस: एसपी सिटी ने पुलिस कर्मियों से की पूछताछ

सहसपुर थाने की हवालात में दुष्कर्म के आरोपी के आत्महत्या करने के मामले में एसपी सिटी श्वेता चौबे ने सोमवार शाम थाने पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। उन्हाेंने हवालात का अवलोकन करने के साथ पुलिस कर्मियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। 

सहसपुर थाने की हवालात में शुक्रवार रात नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और ब्लैकमेंलिंग के आरोपी अभिनव यादव(24) निवासी चौबे छपरा, जिला बलिया ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एसएसपी ने रात्रि अधिकारी सहायक दरोगा महेंद्र सिंह नेगी और सर्वेश कुमार को निलंबित करने के साथ थाना प्रभारी पीडी भट्ट और महिला उप निरीक्षक लक्ष्मी जोशी को लाइन हाजिर कर दिया था। मामले की जांच एसपी सिटी श्वेता चौबे को सौंपी थी। एसपी सिटी चौबे ने सोमवार शाम को सहसपुर थाने पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

उन्हाेंने हवालात का निरीक्षण करने के साथ पुलिसकर्मियाें से पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल जवाब किए। उन्हाेंने थाने के रिकार्ड का भी अवलोकन किया। एसपी सिटी ने बताया कि अभी जांच शुरू हो गई है। अभी कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है। वे तथ्यों के आधार पर जांच कर अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंप देगी।

निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई 

विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष हर्षदीप गुप्ता ने हवालात सुसाइड कांड की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। नगर अध्यक्ष का कहना है कि थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने आरोपी को गिरफ्तार कर एक सराहनीय कार्य किया था, लेकिन रात को हवालात में युवक की मौत पुलिस की लापरवाही उजागर करती है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 
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