यदि समाज व देश को विकास के रास्ते पर ले जाना है तो युवाओं को रचनात्मक सोच के साथ जवाबदेह बनना होगा। युवाओं की रचनात्मक सोच का लाभ पूरे देश को मिले इसके लिए उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। यह बातें कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कही। वह अभ्युदय वाल्सल्यम संस्था की ओर से नगर निगम सभागार में आयोजित ‘अभ्युदय श्री सम्मान-2020’ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने पद्मश्री द्वय डॉ. लीलाधर जगूड़ी व लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को हिमालय रत्न पुरस्कार देने के साथ ही शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा, समाज सेवा और कृषि समेत कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालोें को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि संस्था जो भी कार्य कर रही है उसकी जितनी भी सराहना की जाय कम है। पद्मश्री डॉ लीलाधर जगूड़ी ने कहा कि समाज की कल्पना बगैर व्यक्ति के नहीं की जा सकती। युवाओं को किताबें पढ़ने के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें किताबों के पढ़ने की संस्कृति विकसित करनी चाहिए।
प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. विपुल कंडवाल ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि और समाज के प्रति कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए। कार्यक्रम में अमेरिका से पहुंचे अनूप हिवालय ने कहा कि सेवा कभी निष्फल नहीं होनी चाहिए। संस्था की संस्थापिका डॉ. गार्गी मिश्रा, डॉ. अशोक कुमार मिश्रा, डॉ. वीपी पांडेय, शरद मिश्रा, सोहन शर्मा, स्वप्निल सिन्हा, व्योमकेश दूबे आदि उपस्थित थे। संचालन साहित्यकार एवं कवि श्रीकांत श्री व डिंपल ने किया।
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ये पुरोधा किए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. विपुल कंडवाल, डॉ. सुशील ओझा, डॉ. वीपी पांडे, समेत कई चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा मनीष हिवाले, आचार्य मनीष, अर्चना तिवारी, वीणा राव, अभिलाषा, अनिल कांगड़ा, सुनील दत्त, शिखर पालीवाल, डॉ. सुनील कुमार यादव, शिवानी सिंह, पूर्वी सरकार, सुनीला फ्रैंकलिन, वैशाली मालवीय, मेघना शुक्ला, रविंद्र शर्मा, राकेश दूबे, मनोज ईष्टवाल, मधुसूदन त्रिपाठी, साहित्यकार एवं कवि श्रीकात श्री, दिनेश चमोली, अशोक कुमार तिवारी व पीयूष पंडित को सम्मानित किया गया।
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‘पूंछ कटी छिपकली’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अशोक कुमार मिश्रा की पुस्तक ‘पूंछ कटी छिपकली’ का विमोचन भी किया गया। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल समेत सभी अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन किया। डॉ. अशोक मिश्रा शासन में अधिकारी होने के साथ ही भौतिकी में एमएससी की हैं। साहित्य में भी उनकी गहरी रुचि है। पूंछ कटी छिपकली से पूर्व वह ‘मैं चुप हूं’ और ‘अंतहीन चुप्पी’ पुस्तक का लेखन कर चुके हैं। उनकी कई कविताएं पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। वह आकाशवाणी पर कई बार कविता पाठ भी कर चुके हैं।