होता कुछ इस तरह है कि बुकीज के एजेंट स्टेडियम में बैठे होते हैं। यही उस बॉल का परिणाम लगातार फोन पर बड़े बुकी को बताते हैं। यह सब बातें कोड में होती हैं। मसलन छक्के के लिए ए, आउट के लिए सी, चौके लिए डी आदि। इस तरह बुकी इन्हीं सात से 11 सेकेंड में लोगों का करोड़ों रुपये इसमें लगवाते हैं और खुद कमाई करते हैं। क्योंकि, उन्हें पहले से ही नतीजा पता होता है।
वेब पर लाइव स्ट्रीमिंग में होता है बड़ा खेल
टीवी पर सीधे प्रसारण में तो महज 11 सेकेंड का ही अंतर होता है, लेकिन लाइव स्ट्रीमिंग एप में यह अंतर पांच से छह बॉल का होता है। यानी स्टेडियम में पांच बॉल फेंकी जा चुकी होती हैं, लेकिन हॉट स्टार, या किसी अन्य एप्लीकेशन पर ये बॉल बाद काफी देर बाद दिखती हैं। ज्यादातर लोग इसी तरह के एप पर आजकल क्रिकेट देखते हैं।