अंतिम संस्कार के बाद वह रामेश्वर घाट कुछ दूर स्थित मसान मंदिर में गया था। इसी दौरान उसका पांव फिसला और वह 70 फीट खाई में गिर गया। पत्थरों से सिर टकराने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मंगलवार को गांव के व्यक्ति की अंत्येष्टि में गए नारायण सिंह, किशन सिंह, महेंद्र, गणेश सिंह ने जब लौटते वक्त सुरेश को अपने साथ नहीं देखा तो उसकी खोजबीन की। उन्होंने रामेश्वर घाट और उसके आसपास भी सुरेश को ढूंढा।
काफी खोजबीन के बाद सुरेश का शव मसान मंदिर के नीचे लहूलुहान स्थिति में नदी किनारे पड़ा मिला। साथियों और परिजनों ने घटना की जानकारी लोहाघाट पुलिस को दी। बुधवार को लोहाघाट में डॉ. रवींद्र बोहरा ने शव का पोस्टमार्टम किया।
सिंगदा गांव निवासी सुरेश सिंह सामंत की मौत से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव के लोग सुरेश की मौत से गमगीन हैं। उनकी अचानक मौत की खबर से पत्नी प्रेमा और दो बच्चे योगेश (15) व चंचल (8) बदहवास हैं।
सुरेश की मां का पहले ही निधन हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार सुरेश सुरेश की कमाई से ही परिवार पलता था। एक निजी स्कूल की बस चलाकर वह परिवार का भरण-पोषण करता था।
क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज सामंत, गणेश सामंत, शिवराज सिंह सामंत, किशन सिंह, हर सिंह, प्रकाश सिंह, हरीश सामंत, नैन सिंह, मदन सिंह, शंकर सिंह, गोपाल सिंह, चंचल सिंह आदि ने प्रशासन से सुरेश के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।