बेड़ीनाग, थल और गंगोलीहाट में 108 एंबुलेंस न मिलने पर परिजन मरीज को जीप से ले गए। डॉ. पाटनी का कहना है कि एंबुलेंस में मरीज को लगातार ऑक्सीजन और अटेंडेंट मिल जाता। इसके अलावा ग्लूकोज एवं आवश्यक दवाएं भी मिलती रहती।
पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। उसकी मौत के बाद अब परिवार के लिए आजीविका का संकट हो गया है। परिवार की माली हालत देखकर कमस्यार घाटी जन कल्याण संस्था ने उसके परिवार को प्रधान अनिल रौतेला के माध्यम से 10 हजार रुपये की नकद सहायता दी है।
पूर्व प्रधानाचार्य मनोहर सिंह रौतेला ने भी एक हजार रुपये की मदद की है। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि 108 सेवा दुरुस्त करने के लिए वह जिलाधिकारी से लेकर जनपद के प्रभारी मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं।
ईंधन नहीं मिलने से पिथौरागढ़ जिले में 108 और खुशियों की सवारी के 16 वाहन खड़े हैं। एकमात्र धारचूला में 108 और खुशियों की सवारी चल रही है। अन्य स्थानों पर वाहन नहीं चल पा रहे हैं। स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। बृहस्पतिवार को सीएमओ की ओर से पंप मालिकों को एक सप्ताह में भुगतान करने का पत्र जारी किया गया है। शुक्रवार को पंपों से ईंधन मिलने की उम्मीद है।
-प्रमोद भट्ट, जिला कोआर्डिनेटर 108 सेवा।