प्रस्तुति के दौरान कुमार विश्वास व्यंग्य करते हुए सीएम से बोले- भूमिका तो इधर से उधर होती ही रहती है। कहीं, कल ऐसा न हो कि आप कविता करें और मैं राजनीति में नजर आऊं। इसमें श्रोताओं को कुमार विश्वास के राजनीति में प्रवेश करने की अटकलें नजर आईं।
इन्होंने भी दी प्रस्तुति
कवियित्री कविता तिवारी ने बेटियों के सम्मान में कविता न होती तो यह प्रस्तुति न होती.., हर बच्चा विवेकानंद बन बजाए.. कविता पड़ी। राजीव राज ने उमरिया एक सड़क वीरान, कहां है मंजिल किसको ज्ञान.. से आमजन की असल जिंदगी को छुआ। इसके बाद रमेश मुस्कान ने कविता तिवारी की हर बच्चा विवेकानंद बन जाए... कविता पर चुटकी लेते हुए बोले- हर बच्चा विवेकानंद बन जाएगा तो राजनीति कौन करेगा.. यह सुनते ही श्रोता ठहाके लगाने लगे।
उन्होंने हास्य कविता के माध्यम से कोरोना महामारी, महंगाई व कई समस्याओं को हंसी भरे अंदाज में सुनाया। इस पर सीएम समेत कई मंत्री भी खुद को हंसने से नहीं रोक पाए। तेज नारायण शर्मा बेचैन ने हास्य व्यंग्य से श्रोताओं को खूब हंसाया। उन्होंने कहा कि हमने पहले 10 साल ऐसे पीएम (मनमोहन सिंह) को झेला जो कुछ बोलते नहीं थे, लेकिन अब पीएम मोदी को देख रहे हैं, जो रुकते ही नहीं हैं। इस पर भी श्रोता जमकर हंसते और तालियां बजाते नजर आए।