मनपसंद जगह मिलने पर छोड़ रहे पहाड़
दरअसल जिन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग चमोली में की गई, उनमें कई ऐसे रहे जो दूसरे जिलों की काउंसलिंग में भी शामिल हुए और उन्हें वहां मनपसंद विद्यालय मिल गया। इसमें ज्यादातर ऐसे रहे जो देहरादून, हरिद्वार या अन्य मैदानी क्षेत्रों में चले गए। कुछ ऐसे भी रहे हैं जो पहली बार चमोली जिले में आए, दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालय देखकर बिना ज्वाइन किए ही लौट गए।
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बीएड धारकों के बाहर होने से भी बनी समस्या
अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक पद के लिए बीएड डिग्री धारकों को अयोग्य करार दिया था। जिसके चलते इस भर्ती प्रक्रिया में बीएड डिग्री वाले शामिल नहीं हो पाए। सिर्फ डीएलएंड प्रशिक्षित अभ्यर्थी ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए गए। लेकिन डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी कम होने के चलते सभी पद नहीं भरे जा सके हैं।
चमोली जिला दुर्गम क्षेत्र में आता है। काउंसलिंग के बाद कई अभ्यर्थियों को उनका मनपसंद क्षेत्र मिल गया तो वे वहीं चले गए। रिक्त पदों को भरने के लिए निदेशालय स्तर से मिले दिशानिर्देशों के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। - धर्म सिंह रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली