16 साल की नौकरी, रिटायरमेंट के समय गया जेल
शिव कुमार सैनी (57) निवासी शिवपुरम पनियाला रोड, कोतवाली गंगनहर रुड़की जिला हरिद्वार ने वर्ष 2008 में प्राथमिक शिक्षक के तौर पर तैनात हुए। इतने वर्षों तक वह नौकरी करता रहा। अब जब शिव कुमार की उम्र 57 वर्ष हो गई और सेवानिवृत्ति के लिए मात्र तीन साल रह गए थे तब जाकर उसके शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन हुआ और पुलिस गिरफ्त में आ गए।
शिव कुमार सैनी 16 वर्ष तक चमोली जिले में नौकरी करता रहा। उसके शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में विभाग को 16 साल लग गए।
सत्यापन के बाद बीते नवंबर माह में उसे शिक्षा विभाग ने निलंबित किया। विभागीय जांच में सामने आया कि आरोपी का इंटरमीडिएट का वर्ष 1989 का प्रमाणपत्र फर्जी है। उसके बाद ग्रेजुएशन की और फिर बीएड करने के बाद शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की। शिव कुमार की उम्र 57 साल हो चुकी है और सेवानिवृत्ति के लिए तीन साल शेष थे। इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी धर्म सिंह रावत का कहना है कि आरोपी के प्रमाणपत्रों के सत्यापन में 12वीं के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। 12वीं का प्रमाणपत्र फर्जी होने पर उसके बाद के ग्रेजुएशन सहित अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र भी स्वत: ही फर्जी हो जाते हैं। बीते नवंबर में शिव कुमार को बर्खास्त किया गया। जनवरी में उसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।