दो साल पहले ऋषिकेश भ्रमण पर आई स्वीडन की एमिंडा ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि वह एक दिन यहीं की होकर रह जाएगी।
रीति रिवाजों के प्रति बढ़ रहा आकर्षण
एमिंडा ने अपने स्थानीय मित्र से जन्म-जन्मों के बंधन में बंधने का फैसला कब ले लिया, उसे पता ही नहीं चला। विदेशियों में भारतीय संस्कृति, रीति रिवाजों के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है। स्वीडन की एमिंडा दो साल पहले अपने कुछ मित्रों के साथ तीर्थनगरी के स्वर्गाश्रम क्षेत्र में घूमने आई थी।
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इसी बीच उसकी कालेकीढाल ऋषिकेश निवासी मुकेश बिष्ट से मित्रता हो गई। उन दिनों मुकेश वेद निकेतन के समीप अपना रेस्टोरेंट चलाते थे। एमिंडा ने दो साल पुराने मित्र को अपने जीवनसाथी के रूप में चुना है। बुधवार को वह शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित विवाह समारोह में मुकेश के साथ सात फेरे लेंगी।
हाथों में रचाई मेहंदी
मंगलवार को स्वर्गाश्रम स्थित एक गेस्ट हाउस में उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ भारतीय रीति-रिवाजों से विवाह की रस्में पूरी की। इस मौके पर स्थानीय महिलाओं ने विधि-विधान के साथ एमिंडा का मंगल स्नान के बाद हाथों में मेहंदी रचाई। बुधवार को शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित विवाह समारोह में स्वीडन की एमिंडा और मुकेश अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेंगे।
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समारोह में दुल्हन की दादी एन, पिता जॉन, माता मारिया, भाई जॉनतन, बहन और 25 अन्य रिश्तेदार शामिल हो रहे हैं। समारोह में नवीन राणा, हिमानी राणा, शाकुंबरी देवी, पंड़ित रामदयाल आदि मौजूद थे।
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