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Dehradun News: मिल जाएगी नगर निगम की जमीन पर ऊपर तक देने पड़ेंगे पैसे

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राजधानी में जमीन फर्जीवाड़ा करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि ठगों ने नगर निगम की सरकारी जमीन का भी सौदा कर लिया। झांसा दिया कि जमीन तो मिल जाएगी लेकिन ऊपर तक पैसे देने पड़ेंगे। ठगी का आरोप सत्ताधारी भाजपा की पूर्व पार्षद और उसके पति पर है। रायपुर थाने में इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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जोगीवाला के रहने वाले पर्व वालिया ने रायपुर थाना क्षेत्र के रहने वाली भाजपा की पूर्व पार्षद नीतू वाल्मीकि और उसके पति राकेश वाल्मीकि उर्फ तिनका पर 75 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। आरोप है कि नगर निगम की जमीन दिलाने के नाम पर उनसे पैसे लिए हैं। रायपुर थाना प्रभारी गिरिश नेगी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने पीड़ित को नगर निगम की एक जमीन दिखाते हुए दावा किया कि जमीन का आवंटन कराया जा सकता है। यह भी कहा गया कि पूर्व पार्षद होने के कारण वे जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी करवा देंगे और ऊपर तक पैसे देने पड़ेंगे।

आरोप है कि इसी भरोसे में अलग-अलग समय पर 75 लाख रुपये ले लिए। पीड़ित का कहना है कि बाद में जानकारी मिली कि आरोपी कई अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर वे एससी एक्ट में फंसाने और राजनीतिक पहुंच का डर दिखाकर धमकाते हैं। वीवीआईपी हस्तियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें दिखाकर प्रभाव जमाते हैं।
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पीड़ित के अनुसार रायपुर थाने में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ जिसमें 42.50 लाख रुपये दो माह के भीतर लौटाने की बात तय हुई थी। बताया गया कि थाने में आठ लाख रुपये दिए गए जबकि शेष राशि का भुगतान तय समय में नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि समझौते के बाद भी आरोपी थाने में पेश नहीं हो रहे और भुगतान से बच रहे हैं।

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Iगुंडा एक्ट में जिला बदर हो चुका है तिनका
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सरकारी जमीन का सौदा करने का आरोपी राकेश वाल्मीकि उर्फ तिनका 2022 में गुंडा एक्ट में जिला बदर भी किया जा चुका है। उस पर कई गंभीर आरोप हैं। पूर्व में चेक बाउंस के एक मामले में भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। अक्तूबर 2019 में राकेश तिनका खुद एक जानलेवा हमले का शिकार हुआ था। आपसी विवाद के चलते उस पर फायरिंग की गई थी। रायपुर थाने में उस पर मारपीट और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

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Iएससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी
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पीड़ित पर्व वालिया ने आरोप लगाया कि पैसे वापस करने के लिए पूर्व पार्षद और उसके पति पर दबाव बनाया जाता है तो दोनों लोग एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देते हैं।
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