प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमामि गंगे के तहत उत्तराखंड में तीन परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में ऋषिकेश में लक्कड़घाट स्थित 158 करोड़ की लागत से बना 26 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, मुनिकीरेती चंद्रेश्वरनगर में 41 करोड़ की लागत से बना 7.5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी और ढालवाला चोरपानी, मुनिकीरेती में 39 करोड़ की लागत से बना 5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी शामिल हैं।
लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री ने रोविंग डाउन द गंगेज, ग्राम पंचायतों और पानी समितियों के लिए बनाई गई मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के लोगो (प्रतीक चिह्न) का भी अनावरण किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां गंगा हमारे सांस्कृतिक वैभव और आस्था से तो जुड़ी ही है, साथ ही लगभग आधी आबादी को आर्थिक रूप से समृद्ध भी करती है। नमामि गंगे मिशन नई सोच और नई एप्रोच के साथ शुरू किया गया। यह देश का सबसे बड़ा नदी संरक्षण अभियान है। इसमें समन्वित रूप से काम किए गए।
गंगा जी में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए एसटीपी का निर्माण किया गया है। अगले 15 वर्षों की आवश्यकता के अनुसार एसटीपी की क्षमता रखी गई। गंगा के किनारे लगभग 100 शहरों और 5 हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। कहा कि गंगा की सहायक नदियों को भी प्रदूषण से मुक्त रखने का काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले नमामि गंगे की ओर से तैयार की गई एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। इस अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया आदि ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई।