हॉकी और फुटबाल जैसे खेलों के लिए मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक नहीं बिखेर पा रहे हैं। हालांकि इस साल पर्यटन विभाग ने जरूर विंटर गेम्स का आयोजन किया था।
ऐसे कैसे प्रोत्साहित होंगे खिलाड़ी?
प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2017-18 के वर्ष 2019 में देवभूमि खेल रत्न पुरस्कार, देवभूमि द्रोणाचार्य और देवभूमि लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड घोषित किए गए, लेकिन अब तक ये अवार्ड नहीं दिए जा सके हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2018-19 के पुरस्कारों की अब तक घोषणा नहीं की जा सकी है। वहीं 2019-20 के लिए अब तक आवेदन तक नहीं लिए गए।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नहीं मिला कैश अवार्ड
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को हर साल कैश अवार्ड दिया जाता है, लेकिन वर्ष 2018 से खिलाड़ियों को अब तक कैश अवार्ड नहीं मिले। विभाग की ओर से 2018 के कैश अवार्ड के अब आवेदन मांगे गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2019 है।