लगातार पांच दिनों तक बादल छाए रहने से सभी को बर्फबारी की उम्मीद थी, लेकिन शनिवार को चकराता क्षेत्र में चटक धूप खिली। आसमान में बादल न होने के कारण बर्फबारी की उम्मीद भी धूमिल हो गई।
बर्फबारी का इंतजार करते करते साल 2022 विदा हो गया। बीते साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह में चकराता और आसपास की ऊंची पहाड़ी में बर्फबारी हुई थी। जिसके चलते क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने पहुंचे पर्यटकों ने बर्फबारी का लुफ्त उठाया था।
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लगातार पांच दिनों तक बादल छाए रहने से सभी को बर्फबारी की उम्मीद थी, लेकिन शनिवार को चकराता क्षेत्र में चटक धूप खिली। आसमान में बादल न होने के कारण बर्फबारी की उम्मीद भी धूमिल हो गई। धूप खिलने से तापमान में एक डिग्री की वृद्धि हुई। दोपहर बाद क्षेत्र फिर से शीतलहर की चपेट में आ गया।
चकराता का न्यूनतम तापमान -2 डिग्री और अधिकतम 12 डिग्री दर्ज किया गया। शाम ढलते ही बाजारों से रौनक गायब हो गई। पर्यटक भी अपने अपने होटलों और रिजॉर्ट तक सिमट कर रह गए। ठंड से बचने के लिए होटल व्यवसायियों द्वारा पर्यटकों के अलाव की व्यवस्था की गई है।
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उधर, पछवादून क्षेत्र में भी दिनभर धूप खिली रही। सर्द हवाएं चलने के चलते लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। शाम ढलते ही लोग घरों में दुपक गए। बाजारों में भी कम लोग दिखाई दिए। विकासनगर का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री और अधिकतम 18 डिग्री दर्ज किया गया।