अपने बेटे-बहू के लोन पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने बृहस्पतिवार को पहली बार पक्ष रखा। उन्होंने दो टूक कहा-बेटे बहू ने लोन लेकर गुनाह नहीं किया।
गुनाह लोन लेकर उसकी अदायगी न करना है। उन्होंने कहा कि यह सियासत का बदलता स्वरूप है, जहां पर राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह सतही बातें की जाती हैं। उन्होंने कहा-दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में भाजपा सरकारें भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस लेकर आगे बढ़ रही है।
कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के विधायक बेटे संजीव आर्य और उनकी पत्नी के लोन के मामले में कांग्रेस पार्टी सरकार पर हमलावर है। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता प्रमोद कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि संजीव और उनकी पत्नी ने नियम विरुद्ध 50-50 लाख रुपये का लोन लिया है। विधायक संजीव आर्य ने पलटवार किया था कि उन्होंने नियमों के अनुसार लोन लिया है।
जनता मिलन कार्यक्रम में भाग लेने आए कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य से भी बृहस्पतिवार को यह सवाल किया गया। उनका जवाब था कि इसमें कोई गलत नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि लोन लेने के लिए बाकायदा भूमि बंधक रखी गई है। इसके अलावा तमाम अन्य औपचारिकताओं को पूरा किया गया है।