भाजपा की परिवर्तन रैली का जवाब देने काशीपुर के उदयराज हिंदू इंटर कालेज के मैदान में उतरी कांग्रेस को ऐन वक्त पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
संकल्प यात्रा की यहां समापन सभा में कपिल सिब्बल पहुंच ही नहीं पाए। आर्य को मनाने मुख्यमंत्री हरीश रावत को खुद ही जाना पड़ा। अपने में उलझी कांग्रेस को इन सब झंझावतों के बीच लोगों को जुटाने के हिसाब से भाजपा को जवाब देते नहीं बना। बाद में भाषणों में जरूर इसकी भरपाई की कोशिश की गई।
बृहस्पतिवार को काशीपुर में बीते दिन हल्द्वानी में हुई भाजपा की जनसभा का जवाब देने उतरे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाई और सीधे ही भाजपा को निशाने पर लिया। रावत ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड की कोई मदद नहीं कर रही है। इसके बावजूद प्रदेश में विकास का पहिया थमा नहीं है।
2017 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो 2020 तक प्रदेश के प्रत्येक घर से कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार दिया जाएगा। रावत ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए बागी नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा पालीहाउस, आपदा घोटाले की बात करती रही। इन सब के लिए जिम्मेदार मंत्री अब भाजपा में हैं।