यमुनोत्री हाईवे की कटिंग से कण्डारी मोटर मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। जुलाई में समस्या सामने आने पर जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल करने और एक माह में स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे लेकिन दो माह बीतने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण के दौरान हो रहे लगातार धंसाव का खामियाजा गोडर पट्टी के 27 गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कण्डारी मोटर मार्ग तीन दिन से बंद होने से क्षेत्र की नकदी फसल व सेब मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही है। वहीं दुग्ध समितियों के लिए लाखामंडल संग्रह केंद्र तक दूध पहुंचाना भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है। काश्तकार दूध के ड्रमों को रस्सी के सहारे ऊपर से नीचे उतारकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि दूध समय पर चिलिंग प्लांट तक नहीं पहुंचा तो उसके खराब होने का खतरा बना हुआ है। सेब सीजन में मार्ग बंद होने से काश्तकारों को आर्थिक नुकसान की भी चिंता सता रही है। यमुनोत्री हाईवे की कटिंग से कण्डारी मोटर मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। जुलाई में समस्या सामने आने पर जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल करने और एक माह में स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे लेकिन दो माह बीतने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
क्षेत्र के राजेश बहुगुणा ने कहा कि मार्ग आए दिन बंद हो रहा है जिससे ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने राजमार्ग निर्माण खंड पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। पीएमजीएसवाई पुरोला के ईई योगेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें मार्ग बंद होने की जानकारी नहीं है। राजमार्ग निर्माण खंड ने सुरक्षात्मक कार्य कराने की बात कही थी लेकिन बारिश के कारण काम नहीं हो पाया।