हाल ही में एक मजदूर की हुई थी मौत
गत जुलाई में वहां पर एक सीमेंट का टुकड़ा टूटने के कारण उसकी चपेट में आने से मजदूर की मौत हो गई थी। उस दौरान भी मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते हुए हंगामा किया था।
हालांकि सुरंग की कार्यदायी संस्था से जुड़े अधिकारियों ने इसे एक सामान्य घटना बताया है। संस्था के जीएम रविकांत ने बताया कि सुरंग के भीतर करीब एक किमी हिस्सा पहाड़ी का बहुत अधिक लूज है। वहां पर उसकी रिप्रोइलिंग का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान कई बार कच्चा हिस्सा टूटकर नीचे गिर जाता है। बीते शुक्रवार को भी इसी प्रकार वहां पर मलबा गिरा है। सुरंग का सुरक्षा ऑडिट करवाया गया है।
ऐसे चर्चा में आई थी सिलक्यारा सुरंग
चारधाम सड़क परियोजना में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सिलक्यारा पोलगांव सुरंग में दीपावली के दिन 12 नवंबर 2023 को तड़के 4-5 बजे भूस्खलन हुआ था। उस वक्त श्रमिक रात की शिफ्ट खत्म कर दिवाली के दिन बाहर आने वाले थे। लेकिन भूस्खलन के कारण सुरंग का मुंह बंद हो गया और 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। श्रमिक 17 दिनों तक अंदर फंसे रहे थे। जिन्हें लंबे बचाव अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था।