फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुनोत्री हाईवे पर लगातार भूस्खलन से तीर्थयात्री धाम में ही फंसे, यात्रा रुकी

Wed, 13 Sep 2017 08:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी 
विज्ञापन
विज्ञापन
ओजरी क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे बुधवार को भी बंद रहा, जिससे धाम की यात्रा रोक दी गई है। वहीं मार्ग बंद होने से क्षेत्र के 14 गांवों का भी तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
विज्ञापन


सबसे अधिक खतरा ओजरी गांव के ग्रामीणों को हो गया है, जिनके भवन भूस्खलन की जद में आ गए हैं। हालांकि प्रशासन की टीम मंगलवार से ही मार्ग खोलने का प्रयास कर रही है, लेकिन लगातार बोल्डर मलबा गिरने से कार्य में दिक्कत आ रही है।

ओजरी के स्लाइड जोन ने यमुनोत्री हाईवे को पिछले करीब 48 घंटों (सोमवार देर रात) से अवरुद्ध किया हुआ है। प्रशासन की मुस्तैदी से मार्ग में फंसे यात्रियों को तो सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन बनास, बाडिया, कुनसाला, राना, कुपड़ा सहित 14 गांवों के लिए हालात जस के तस बने हैं।
विज्ञापन


भूस्खलन से ओजरी गांव के खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों को शहर तक पहुंचने के लिए कई किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। एसडीएम मनुज गोयल ने एनएच के अधिकारियों को ग्रामीणों को हुए नुकसान की भरपाई करने के व मार्ग खोलने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

दूसरा वरुणावत बन रहा ओजरी का स्लाइड जोन 

वहीं एनएच के ईई नवनीत पांडे ने जल्द मुआवजा देने व स्लाइड जोन में ट्रीटमेंट कराने के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही है। वहीं डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मार्ग खोलने के लगातार प्रयास जारी हैं।

जिला प्रशासन की ओर से वर्तमान समय तक स्यानाचट्टी से बड़कोट की तरफ 550 के करीब यात्रियों को घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी के माध्यम से वैकल्पिक पैदल मार्ग से पहुंचाया गया है। इसी प्रकार 200 यात्रियों को जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम के लिए भेजा गया है।

वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए हनुमानचट्टी और स्यानाचट्टी में सुरक्षित स्थानों पर मार्ग खुलने तक रोका गया है। यात्रियों को पूर्ति विभाग के सहयोग से भोजन और पेयजल तथा ठहरने की व्यवस्था की गई है।  

यमुनोत्री हाईवे स्थित ओजरी स्लाइड जोन दूसरा वरुणावत बनता जा रहा है। हर साल इस एक किमी ऊंची पहाड़ी से भूस्खलन होता है। भूस्खलन ने वर्ष 2003 में उत्तरकाशी का वरुणावत पर्वत दरक गया था, जिसमें आसपास क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ था। वरुणावत से जहां गंगोत्री हाईवे का हिस्सा प्रभावित हुआ था, तो अब यमुनोत्री हाईवे पर भी ओजरी और डबरकोट के पास कुछ ऐसा ही भूस्खलन जोन बनता जा रहा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें