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जल विद्युत परियोजनाओं पर नहीं पड़ा प्रभाव, उत्पादन रहा जारी
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IIरविवार सुबह डाकपत्थर में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। सुबह 7 बजे बैराज से एक हजार क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया। इस दौरान शक्ति नहर पर बनीं जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन जारी रहा। शाम को यमुना के जलस्तर पर कुछ गिरावट आई। यमुना खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी।I
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Iशनिवार को यमुना के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र के लगातार बारिश के बाद मैदानी क्षेत्र में यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। सुबह 6.30 बजे तक डाकपत्थर में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान यानी 455.37 मीटर तक पहुंच गया। करीब 7 बजे डाकपत्थर बैराज से एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि, पानी में अधिक मात्रा में सिल्ट नहीं थी इस कारण शक्ति नहर को बंद नहीं किया गया। शक्ति नहर में निर्धारित मात्रा में सात हजार क्यूसेक ही पानी ही छोड़ा गया। इस बीच ढालीपुर, ढकरानी और कुल्हाल जल विद्युत परियोजना में उत्पादन जारी रहा। शाम को यमुना को जलस्तर 455.13 मीटर तक पहुंच गया।
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Iसुबह डाकपत्थर बैराज से एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शक्ति नहर पर बने सभी जल विद्युत केंद्रों में उत्पादन जारी रहा। सिल्ट की मात्रा और जलस्तर के अनुसार ही बैराज से पानी छोड़ा जाता है। - विमल डबराल, जनसंपर्क अधिकारी, यूजेवीएनएलI