उत्तराखंड में एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के 88 प्रतिशत बच्चे कृमि संक्रमण की चपेट में हैं। इसका खुलासा स्वास्थ्य मंत्रालय के सर्वे में हुआ है। इस देखते हुए 10 फरवरी 2020 को कृमि मुक्त दिवस पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सरकार ने प्रदेश के 43 लाख बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य रखा है। सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। स्कूल न जाने वाले बच्चों को आशा कार्यकर्ता आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवाई दी जाएगी।
शनिवार को एनएचएम सभागार में मिशन निदेशक एवं अपर सचिव युगल किशोर पंत की अध्यक्षता में हुई राज्य समन्वय कमेटी की बैठक में अभियान की तैयारियों को लेकर समीक्षा की गई। पंत ने बताया कि 10 फरवरी को कृमि मुक्त दिवस पर एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाई दी जाएगी। प्रदेश के सभी सरकारी, निजी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने कहा कि पेट में कीड़े होने के कारण बच्चों का आईक्यू प्रभावित हो रहा है और एनीमिया का खतरा भी बढ़ रहा है। बैठक में निदेशक एनएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल, प्रभारी अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह मर्तोलिया समेत नेहरू युवा केंद्र, महिला एवं बाल विकास, तकनीकी शिक्षा, नगर निगम, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौजूद थे।