जंगल में बनाए गए खास इको ब्रिज
वन्यजीव संरक्षण का संदेश देने और वन्य जंतुओं के लिए वन विभाग ने कुछ जगह पर इको ब्रिज बनाने का भी फैसला किया। इसमें रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत कालाढूंगी - नैनीताल मार्ग पर एक इको ब्रिज बनाया गया, इसी वन प्रभाग के तहत फतेहपुर रेंज में भी बनाया गया था। अब हल्द्वानी वन प्रभाग में भी यह कोशिश की गई है, इसमें हल्द्वानी टनकपुर रोड पर इको ब्रिज बनाया गया है। वन महकमे के अनुसार यह पुल वृक्षवासी बंदर, सरीसृप, गिलहरियों को सड़क दुघर्टना के जोखिम को कम करेगा। इसके अलावा लोगों और पर्यटकों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता भी बढ़ायेगा।
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वनों को बेहतर करने की कोशिश
वन विभाग हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण करता है इसके अलावा वन विभाग में अपने वनों की भी सेहत सुधारने का फैसला किया है। इसमें जिन वनों की स्थिति खराब हुई है वहां आठ साल की कार्य योजना बनाकर उन्हें फिर से पुराने स्वरूप में लाने का काम किया जाएगा। प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन कहते हैं कि वास स्थल सुधार समेत अन्य कार्य किए गए हैं।
स्पेशल फोर्स के लिए भर्ती की तैयारी
डेढ़ दशक पहले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स बनाने की योजना बनी। इस काम में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी में भी मदद की बात की, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते यह फोर्स तैयार नहीं हो सकी। अब वन विभाग नए सिरे से कोशिश कर रहा है इस साल भर्ती के लिए अधियाचन भेजा जा चुका है। अगर अन्य कोई तकनीकी समस्या नहीं आई तो संभावना है कि इस साल स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के लिए वन कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो जाए। इस फोर्स से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में टाइगर की सुरक्षा और मजबूत हो सकेगी। इसके अलावा वन विभाग ने हाल के वर्षों में 2155 वन आरक्षियों, 325 वन दरोगा, 46 रेंजर और 45 एसडीओ पदों पर भी भर्ती कर जंगल की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कदम उठाया।
राज्य में टाइगर की संख्या 500 से अधिक
राज्य में टाइगर की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2006 में राज्य में 178 टाइगर होने का आकलन किया गया था। यह संख्या वर्ष 2022 में बढ़कर 560 पर पहुंच गई। राज्य में हिम तेंदुओं की संख्या भी खासी है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के अनुसार उत्तराखंड (124) हिम तेंदुए हैं। उत्तराखंड में हाथियों की संख्या बढ़ी है। राज्य में वर्ष 2001 में 1507 थी, इसमें लगातार बढ़ोतरी हुई। राज्य में वर्ष 2020 में हाथियों की संख्या 2026 पर पहुंच गई। भारतीय वन्यजीव संस्थान ने 2022 में तेंदुओं का आकलन किया गया था, यह संख्या 3115 थी। इसमें वर्ष-2022 तेंदुओं की संख्या में 33 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हुई।