विश्व स्वास्थ संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों से हर साल 70 लाख से अधिक मौतें होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ ही दुनियाभर की सरकारों की ओर से इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बावजूद धूम्रपान और तंबाकू के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।
फेफड़े और मुंह के कैंसर का खतरा
कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट के अनुसार तंबाकू के सेवन से न सिर्फ फेफड़ों और मुंह के कैंसर की संभावना बढ़ जाती है, वरन हार्टअटैक का भी खतरा रहता है। यदि तंबाकू का अत्यधिक सेवन किया जाए तो आंखों से कम दिखाई देने के साथ ही पायरिया और मुंह से दुर्गंध जैसी बीमारियां हो जाती हैं।
7 अप्रैल 1988 को पहली बार मनाया गया था विश्व तंबाकू निषेध दिवस
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पहली बार 7 अप्रैल 1988 को विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्षगांठ पर मनाया गया था। अब हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को तंबाकू से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करना है।