तंबाकू से बढ़ती बीमारियों से तंबाकू खाने वाले और धूम्रपान न करने को लेकर देवभूमि के लोगों में जागरूकता बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2016-17 के मुताबिक उत्तराखंड में पिछले पांच सालों में प्रदेश में तंबाकू खाने वालों की संख्या में 4.2 फीसदी की कमी आई है। वहीं, बीड़ी, सिगरेट पीने वालों की संख्या भी चार फीसदी घटी है।
आंकड़ों के मुताबिक 2009-10 में हुए ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के मुताबिक प्रदेश में तंबाकू खाने वाले 30.7 फीसदी और धूम्रपान करने वाले 22.1 फीसदी लोग थे। साल 2016-17 के सर्वे में यह आंकड़ा क्रमश: 26.5 और 18.1 फीसदी पर पहुंच गया है। सर्वे के दौरान यह सुखद बात भी सामने आई है कि 15 से 17 साल के किशोरों के बीच धूम्रपान का प्रचलन कम हुआ है । ग्लोबल सर्वे में यह पहलू सामने आया है कि पहले की तुलना में धूम्रपान करने वालों 37.6 फीसदी लोग हेल्थ केयर प्रोवाइडर के कहने पर धूम्रपान करना छोड़ रहे हैं।
खतरनाक चेतावनी से लगा डर
सर्वे के दौरान 67.4 धूम्रपान करने वालों ने यह जानकारी दी कि उन्होंने सिगरेट और बीड़ी के पैकेट पर छपी चेतावनी के चलते धूम्रपान करना छोड़ा। वर्तमान में 29.8 फीसदी पुरूष और 6.3 फीसदी महिलाएं धूम्रपान करती हैं। जिसमें 14.9 फीसदी शहरी और 19.7 फीसदी ग्रामीण शामिल हैं।