मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जलवायु बजटिंग की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष से प्रत्येक विभाग को जलवायु बजट का प्रावधान करना होगा। इस धनराशि से जलवायु परिवर्तन संबंधित कार्य होंगे।
उन्होंने प्रदेश के सभी गांवों व उनके आसपास राजस्व रिकार्ड में दर्ज तालाबों व जल निकायों को एक साल में पुनर्जीर्वित करने की भी घोषणा की। शनिवार को दिल्ली रवाना होने से पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने जीएमएस रोड स्थित आवास के प्रांगण में एक जामुन का पौधा लगाया, जबकि नई दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने उत्तराखंड सदन के प्रांगण में रुद्राक्ष का पौधा रोपा।
उन्होंने कहा कि हम सभी को पौधरोपण कर अपना योगदान देना चाहिए। यह विषय हम सब के जीवन से जुड़ा है। बताया कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी जगमोहन सुंद्रीयाल, अपर प्रमुख वन संरक्षक व नोडल अधिकारी ग्रीन इश्यू डॉ.एसडी सिंह, अपर स्थानिक आयुक्त ईला गिरी व मुख्य व्यवस्था अधिकारी रंजन मिश्रा उपस्थित रहे।
हर व्यक्ति लगाए एक पेड़ : सीएम
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक एक-एक पेड़ लगाए और पर्यावरण संरक्षण में अपना अहम योगदान दे। पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुड़ा विषय है। पर्यावरण का संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
आम जनता के सहयोग से ही सम्भव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉलिथीन मुक्त उत्तराखंड बनाने का हमारा संकल्प है, जो कि आम जनता के सहयोग से ही सम्भव है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखंड वासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश सरकार समृद्ध जैव संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड अपनी वन सम्पदा और नदियों के कारण पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का ध्वज वाहक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ ही जनता, जन प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन चेतना जागृत करने और इसके संवर्द्धन में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के साथ ही नदी और जल स्रोतों की साफ-सफाई के लिए भी पूरा प्रयास जरूरी है। पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुडा विषय है। इसलिए यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी भी है।