विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड प्रजापति महासभा की ओर से माटी संकल्प संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने मिट्टी के बर्तनों में बने खाने के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही कोरोना से बचाव में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी उन्हें उपयोगी बताया।
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ऑनलाइन हुई इस संगोष्ठी में शामिल सभी लोगों ने मिट्टी से बने बर्तनों के इस्तेमाल का संकल्प लिया। विषय विशेषज्ञ माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) शोभाराम प्रजापति ने कहा कि मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करने से स्वस्थ तो रहेंगे ही साथ ही पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है। कहा कि हरिद्वार कुंभ के दौरान प्लास्टिक की जगह मिट्टी से बने बर्तनों के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संस्थान के डॉ. सुखविंदर सिंह खेरा ने कहा कि प्राचीन काल से मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग किया जाता रहा है, लेकिन जैसे-जैसे विज्ञान का विकास हुआ तो मिट्टी की जगह पीतल, स्टील समेत अन्य धातुओं से बने बर्तनों का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया। जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर सामने आ रहा है। जबकि मिट्टी के बर्तनों में पका खाना रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
आज के समय में यही प्रतिरोधक क्षमता कोरोना जैसे वायरस से जान बचाने मुख्य कारक बन रही है। संगोष्ठी में प्रजापति महासभा के मुख्य महासचिव अनंत प्रकाश मेहरा, संगठन मंत्री मनोज कुमार प्रजापति, संदीप कुमार प्रजापति, विश्व प्रकाश, कृष्णा, डिंपल प्रजापति, संदीप प्रजापति आदि शामिल रहे।