राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक स्वाति एस भदौरिया ने कहा, प्रदेशभर में एक अगस्त से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत कई जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। नियमित स्तनपान से नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को 20 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
मिशन निदेशक ने बताया, विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सभी जिलों में जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं व स्वास्थ्य शिविर समस्त जनपदों में आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य माताओं को स्तनपान के फायदों के बारे में जानकारी देना व उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करना है। कहा, मां का दूध शिशु के मानसिक विकास, डायरिया, निमोनिया एवं कुपोषण से बचाने के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
नवजात को प्रथम छह माह तक केवल मां का दूध मिले
कहा, नियमित स्तनपान से नवजात शिशुओ की मृत्यु दर को 20 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा पांच वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों का 13 प्रतिशत तक, डायरिया से होने वाली मृत्यु को 11 गुना तक कम किया जा सकता है। कहा, शिशु के जन्म के बाद प्रथम घंटे के भीतर स्तनपान कराना आवश्यक है। नवजात शिशु को प्रथम छह माह तक केवल मां का दूध देना चाहिए।
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उन्होंने बताया, स्तनपान से एंटीबॉडी मां से सीधे बच्चे तक पहुंचती है। जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। इस बारे में सभी अस्पतालों में स्तनपान के महत्व के बारे में प्रसूता व धात्री महिलाओं को जागरूक किया जाएगा।