एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्येक एक लाख की आबादी पर 15 लोगों में ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा रहता है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि यदि ब्रेन ट्यूमर के लक्षण दिखाई दें तो समय रहते न सिर्फ इसकी जांच कराई जाए, वरन विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन से इसका इलाज भी कराया जाए ताकि समय रहते इलाज कराकर जिंदगी बचाई जा सके।
अनुवांशिक भी होता है ब्रेन ट्यूमर
चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो ब्रेन ट्यूमर अनुवांशिक भी होता है । यानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में भी ब्रेन ट्यूमर होता है। हालांकि ऐसे ब्रेन ट्यूमर के मामलों की संख्या बेहद कम होती है। लेकिन, ब्रेन ट्यूमर का इलाज करने वाले चिकित्सकों का मानना है कि यह किसी के माता-पिता को ब्रेन ट्यूमर की समस्या आ रही है तो बच्चों में भी इसकी संभावना बनी रहती है।
क्या हैं लक्षण
- सुनाई कम देता है। कान में सीटी बजने जैसी आवाजें आती हैं।
- सिरदर्द होने के साथ ही उल्टियां होती हैं।
- किसी बात को बोलने में तकलीफ होती है।
- एक आंख की रोशनी कम होती है।
- कुछ मरीजों खासकर महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होने लगता है।
- गले में अकड़न महसूस होती है।