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विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस 2021: सिर दर्द के साथ उल्टी हो तो न करें नजरअंदाज, इन लक्षणों पर भी करें गौर

Tue, 08 Jun 2021 09:48 AM IST
अलका त्यागी अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून

सार

विश्व स्वास्थ संगठन के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरी दुनिया में प्रतिदिन ब्रेन ट्यूमर के एक लाख मरीजों में से 10 मरीजों की मौत हो जाती है। जहां तक भारत का सवाल है तो देश में हर साल ब्रेन ट्यूमर के 50 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। 
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ब्रेन ट्यूमर - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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अगर आपको सुबह गंभीर सिरदर्द होने के साथ ही उल्टियां हो रही हैं या फिर शरीर के किसी भी अंग में सुन्न होने की स्थिति है, साथ ही याददाश्त कमजोर हो रही है तो सावधान रहने की जरूरत है। कारण ये है कि ये सब ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हैं। अगर ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बिना देरी किए न्यूरो सर्जन से सलाह करें। 

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राजधानी देहरादून के न्यूरो फिजीशियन और न्यूरो सर्जन की मानें तो दो दशकों के भीतर ब्रेन ट्यूमर के मरीजों की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है। न्यूरो सर्जन डॉक्टर महेश कुड़ियाल का मानना है कि ब्रेन ट्यूमर होने की वजह का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है लेकिन लेकिन सीटी स्कैन, एमआरआई से समय रहते ब्रेन ट्यूमर का पता लगाया जा सकता है। 

कोरनेशन अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ राहुल अवस्थी के मुताबिक ब्रेन ट्यूमर कोई नई बीमारी नहीं है यह पहले से ही होती रही है। पहले समय से इसकी पहचान नहीं हो पाती थी जिस कारण इलाज नहीं होने की वजह से कई मरीजों की मौत हो जाती थी। जब से सीटी स्कैन, एमआरआई के साथ ही ब्रेन ट्यूमर की जांच की व्यवस्था अस्पतालों में होने लगी तब से समय रहते बीमारी का पता चल जाता है और सही इलाज से मरीज की जिंदगी बचाई जा रही है। 
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20 फीसदी बच्चे हैं कुल पीड़ितों में
ब्रेन ट्यूमर अधेड़ और बुजुर्गों के साथ ही बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में ले रहा है।  स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देश में हर साल ब्रेन ट्यूमर के 50 हजार नए मामले सामने आते हैं जिसमें 20 फीसदी बच्चे शामिल हैं । देश में कैंसर के जितने मामले सामने आते हैं उसमें सात फीसदी ब्रेन टयूमर के मामले होते हैं। सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र राज्य में मिले हैं। 

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15 मरीज मिल रहे प्रति लाख आबादी पर

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्येक एक लाख की आबादी पर 15 लोगों में ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा रहता है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि यदि ब्रेन ट्यूमर के लक्षण दिखाई दें तो समय रहते न सिर्फ इसकी जांच कराई जाए, वरन विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन से इसका इलाज भी कराया जाए ताकि समय रहते इलाज कराकर जिंदगी बचाई जा सके।

अनुवांशिक भी होता है ब्रेन ट्यूमर 
चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो ब्रेन ट्यूमर अनुवांशिक भी होता है । यानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में भी ब्रेन ट्यूमर होता है। हालांकि ऐसे ब्रेन ट्यूमर के मामलों की संख्या बेहद कम होती है। लेकिन, ब्रेन ट्यूमर का इलाज करने वाले चिकित्सकों का मानना है कि यह किसी के माता-पिता को ब्रेन ट्यूमर की समस्या आ रही है तो बच्चों में भी इसकी संभावना बनी रहती है।

क्या हैं लक्षण 
- सुनाई कम देता है। कान में सीटी बजने जैसी आवाजें आती हैं।
- सिरदर्द होने के साथ ही उल्टियां होती हैं।
- किसी बात को बोलने में तकलीफ होती है।
- एक आंख की रोशनी कम होती है।
- कुछ मरीजों खासकर महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होने लगता है। 
- गले में अकड़न महसूस होती है।
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