एक समय था जब साइकिल आम लोगों के लिए आवाजाही का प्रमुख साधन हुआ करती थी। गांव से लेकर शहर तक लोग स्कूल, कॉलेज, बाजार और कार्यालय जाने के लिए साइकिल का उपयोग करते थे। लेकिन समय के साथ मोटरसाइकिल और कारों ने इसकी जगह ले ली।
अब एक बार फिर साइकिल नई पहचान के साथ लोगों के जीवन में लौट रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब साइकिल केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि फिटनेस, स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली का प्रतीक बन गई है। इन दिनों शहरों में सुबह और शाम सड़कों पर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइकिल चलाते हुए आसानी से देखा जा सकता है।
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विशेष रूप से युवाओं में साइकिलिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। महंगी, आधुनिक और स्टाइलिश साइकिलें अब केवल खेल उपकरण नहीं रहीं, बल्कि कई लोगों के लिए स्टेटस सिंबल भी बन चुकी हैं। हजारों रुपये से लेकर लाखों रुपये तक की साइकिलें बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें फिटनेस प्रेमी बड़े उत्साह के साथ खरीद रहे हैं। आज साइकिल स्वस्थ शरीर, स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर जीवन का संदेश बन चुकी है।