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Dehradun: विश्व आयुर्वेद कांग्रेस का आगाज, केंद्रीय मंत्री ने कहा-देश के हर गांव में खोलेंगे आयुष औषधि केंद्र

Thu, 12 Dec 2024 12:34 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो में तीन दिन इंटरनेशनल असेंबली का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के स्तर पर विदेशों में स्थापित आयुष चेयर के प्रतिनिधि इस असेंबली में आयुर्वेद पर विचार-विमर्श करेंगे।
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देहरादून में विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने कहा कि देश में जिला, तहसील व गांव स्तर पर आयुष औषधि केंद्र खोले जाएंगे। आयुष मंत्रालय इसकी शुरुआत अक्तूबर माह में कर चुका है। इससे लोगों को एक छत के नीचे सभी तरह की आयुर्वेद दवाइयां उपलब्ध होंगी। कहा, आयुर्वेद भी अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग उपकरणों के जैसी तकनीकी को अपना कर आगे बढ़ रहा है।

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विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो के उद्घाटन पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुर्वेद को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारत में लोग सामान्य तौर पर आयुर्वेद से उपचार पसंद करते हैं। लेकिन शहर से गांव देहात तक डॉक्टर एलोपैथिक दवाओं का ज्यादा परामर्श देते हैं। ऐसा शायद इसलिए होता है क्योंकि आयुर्वेद की एक तो दवा कम है, फिर सारे रोगों की सारी दवाएं एक ही जगह पर नहीं मिलती है। इसलिए केंद्र सरकार सभी जिला, तहसील और गांव स्तर पर आयुष औषधि केंद्र खोलेगी। इससे एक ही छत के नीचे आयुर्वेद की सभी दवाएं उपलब्ध होंगी। ऐसा पहला अक्तूबर माह में केंद्र दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में शुरू हो चुका है। देशभर में ऐसे केंद्र खुलने से आयुष चिकित्सक परामर्श में आसानी से दवा लिख सकेंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस साल के दौरान आयुष के क्षेत्र में हुई पहलों से आयुष उत्पाद निर्माण में 10 गुणा बढ़ोतरी हुई है। अब आयुष और हर्बल उत्पाद विश्व के 150 से अधिक देशों में निर्यात हो रहे हैं। विश्व आयुर्वेद कांग्रेस नवीन विचारों, प्राचीन संस्कृति और नवाचारों का संगम साबित होगी। उत्तराखंड में आयुष वेलनेस हब बनने की अपार संभावनाएं है। यहां जड़ी-बूटी व समृद्धि संसाधन आयुर्वेद के लिए उपलब्ध है।
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वैश्विक स्तर पर आयुष क्षेत्र में बढ़ रहा निवेश : केंद्रीय सचिव
आयुष मंत्रालय में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, आयुष के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर निवेश लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में 1.3 बिलियन का निवेश प्रस्तावित है। आयुष पद्धतियों के प्रचार और प्रसार के लिए आयुष मंत्रालय के स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय में इसके कई बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं। आयुर्वेद के प्रचार और प्रसार में उत्तराखंड का प्रयास सराहनीय है और आयुर्वेद की दृष्टि से उत्तराखंड उर्वरक भूमि है। विश्व आयुर्वेद सम्मेलन के आयोजन से आयुष पद्धति को वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने में मदद तो मिलती है। उन्होंने इस आयोजन के लिए उत्तराखंड का आदर्श राज्य बताते हुए कहा कि आयुर्वेद की पुस्तकों में वर्णित कई जड़ी बूटियां हिमालय में मिलती हैं।
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