उत्तराखंड में एचआईवी जांच बढ़ने से संक्रमण दर में कमी आई है। वर्ष 2017-18 में एचआईवी की संक्रमण दर 0.48 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2021-22 में घटकर 0.24 प्रतिशत दर्ज की गई। प्रदेश में प्रति वर्ष लगभग 900 लोग एचआईवी से संक्रमित पाए जा रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से गांधी पार्क में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एचआईवी एड्स जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में सामाजिक संस्थाओं, स्कूलों के छात्र-छात्राओं, रेडक्रॉस सोसाइटी के बच्चों, एनएसएस, एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। रैली गांधी पार्क से होते हुए घंटाघर, दर्शनलाल चौक होते हुए वापस गांधी पार्क में समाप्त हुई। मंत्री ने कहा कि एचआईवी संक्रमितों की पहचान कर सरकार की ओर से निशुल्क दवा और परामर्श दिया जा रहा है।
कहा कि राज्य में एचआईवी संक्रमण दर कम होना अच्छा संकेत है। एचआईवी एड्स की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा, जिससे जांच बढ़ी और संक्रमण दर में कमी आई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में देहरादून, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, ऋषिकेश, रुड़की के सात एंटी रेट्रो थेरेपी केंद्र (एआरटी) में 5,580 एड्स मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा 164 आईसीटीसी केंद्र संचालित हैं। एचआईवी से ग्रसित व्यक्तियों को सरकार की ओर से निशुल्क दवाएं दी जा रही है।
बताया कि वर्ष 2015 में प्रदेश में 1.70 लाख लोगों की एचआईवी जांच की जा रही थी, जो बढ़कर 2021-22 में 3.53 लाख पहुंच गई है। इस मौके पर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भारती राणा, भारतीय रेडक्रास समिति के चेयरमैन डॉ. एमएस अंसारी, सचिव कल्पना बिष्ट, डॉ. एनएस खत्री उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ. अजय कुमार, यूसैक्स कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह बिष्ट, सुनील कुमार सिंह, गगनदीप लूथरा, डीके गुप्ता, सुरेंद्र बिष्ट मौजूद थे।