उत्तराखंड क्रांति दल को एक करने के काशी सिंह ऐरी के प्रयासों को झटका लग रहा है। ऐरी के नेतृत्व में उक्रांद के अलग बने धड़े ने बड़ी तेजी से पार्टी के दूसरे धड़ों को कार्यकारिणी में ओहदा देकर जोड़ने की रणनीति कामयाब नहीं हुई है।
उक्रांद (ऐरी) के पदाधिकारी आए दिन पदाधिकारी काशी सिंह ऐरी को अपना इस्तीफा सौंप रहे हैं। मई माह में त्रिवेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में चल रही उक्रांद से नाराज कार्यकताओं ने काशी सिंह ऐरी के नेतृत्व में नया धड़ा खड़ा किया।
रणनीति पांच माह भी नहीं चली
अधिकांश कार्यकर्ता ऐरी के साथ आने से उनके धड़े को बेहद मजबूत माना जा रहा था। इस दौरान ऐरी ने उक्रांद के कई छोटे धड़ों को साथ शामिल कर लिया। दो बार केंद्रीय कार्यकारिणी का विस्तार कर जोड़े गए धड़ों को पदाधिकारी बनाया गया, लेकिन यह रणनीति पांच माह भी नहीं चली।
कार्यकर्ता इस्तीफा देकर बसपा में शामिल
केंद्रीय उपाध्यक्ष एनके गुसाईं, महामंत्री डीके पाल सहित दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस्तीफा देकर बसपा में शामिल हो गए। बसपा में जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
शनिवार को केंद्रीय महामंत्री रणवीर सिंह राणा ने भी ऐरी को इस्तीफा सौंप दिया। राणा के साथ एक दर्जन पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया और बसपा में शामिल हो गए।
संगठित नहीं है उक्रांद (ऐरी)
उक्रांद ऐरी से इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वह दल को मजबूत करने के लिए जुड़े लेकिन वहां सिर्फ कुछ लोग अपने हित साथ रहे हैं।
ऐरी गुट में जबरदस्त गुटबाजी के आरोप लग रहे हैं। इस्तीफे में कुछ पदाधिकारियों के नाम भी लिखे हैं, जिनके प्रति नाराजगी व्यक्त की गई है।