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कंपनी प्रबंधन के खिलाफ फूटा मजदूरों का गुस्सा

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शीशमबाड़ा स्थित प्लांट के गेट पर प्रदर्शन करते मजदूर। - फोटो : VIKAS NAGAR
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शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैैनेजमेंट प्लांट का रखरखाव करने वाली कंपनी के खिलाफ शनिवार को मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन उन्हें समय पर मानदेय नहीं दे रहा है।
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कहा कि प्रबंधन मेडिकल जांच और अन्य सुविधाएं भी मजदूरों को उपलब्ध नहीं करा रहा है। इससे मजदूरों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि वर्तमान में प्लांट में करीब 40 मजदूर कार्यरत हैं। जिन्हें न्यूनतम मजदूरी के नाम पर महज 7300 रुपये मासिक दिए जा रहे हैं। मानदेय भी उन्हें समय पर नहीं दिया जाता और न ही उनका पीएफ जमा कराया जा रहा है। आरोप लगाया कि काम के दौरान घायल होने वाले मजदूर को प्रबंधन की ओर से चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। उन्हें मास्क भी अपने खर्चे पर खरीदकर लाने पड़ते हैं। कहा कि यदि कंपनी प्रबंधन मानदेय में बढ़ोतरी करने के साथ ही उन्हें अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराता तो मजदूरों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। मजदूरों ने जरूरी सुरक्षा सुविधा भी मुहैया कराने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सुपरवाइजर संदीप कुमार, अजीत कुमार, सुभाष कुमार, रघुवीर सिंह, अरविंद कुमार, शीतल कुमार, विकास कुमार, अनिल कुमार, राकेश कुमार, राजेश कुमार, विमल, अमरेश, अमन, सुरेंद्र, सुरेश, दीपक, सनी, सुलेमान, सौरभ, अशोक, मांगेराम आदि मौजूद रहे।
वहीं, प्लांटहैड मोहित द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों के धरना प्रदर्शन से संबंधित मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि श्रमिकों को कोई समस्या है तो वह उनसे मिल सकते हैं।
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