राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के सदस्य (नीति एवं अनुसंधान) प्रमोद नारायण ने मंगलवार शाम उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की 300 मेगावाट लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना और 120 मेगावाट व्यासी परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों, बांध सुरक्षा और संचालन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना राज्य की ऊर्जा और जल संसाधन आवश्यकताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 का उल्लेख करते हुए सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप करने और कार्यस्थल पर श्रमिकों व अभियंताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने व्यासी परियोजना के जुड्डो स्थित बांध का मुआयना किया। यहां उन्होंने संरचनात्मक अवयवों, जल निकासी व नियंत्रण प्रणाली, आपातकालीन चेतावनी व्यवस्था और बांध सुरक्षा उपकरणों का जायजा लिया। उन्होंने आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध अनुरक्षण पर जोर दिया। भ्रमण के दौरान उन्होंने लखवाड़ परियोजना क्षेत्र में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। निरीक्षण के दौरान यूजेवीएनएल के निदेशक (परिचालन) जी.एस. बुदियाल, अधिशासी निदेशक राजीव अग्रवाल, महाप्रबंधक संजय जोशी, सुजीत कुमार सिंह, उपमहाप्रबंधक हेमंत श्रीवास्तव और संजय कुमार सहित परियोजना से जुड़े कई वरिष्ठ अभियंता व अधिकारी मौजूद रहे।