- राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की उपाध्यक्ष ने धरना स्थल पर पहुंचकर सुनीं समस्याएं
- 46 निकाले गए श्रमिकों को वापस काम पर रखने और यूनियन को मान्यता देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। लखवाड़ बांध परियोजना में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे श्रमिकों का कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन शनिवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की उपाध्यक्ष गीता रावत ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनरत श्रमिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने श्रमिकों को उनकी मांगें शासन स्तर पर रखने का आश्वासन दिया।
सीटू से संबद्ध संविदा श्रमिक संघ उत्तरांचल के बैनर तले आंदोलन कर रहे श्रमिक परियोजना से निकाले गए 46 मजदूरों को दोबारा काम पर रखने, श्रमिक यूनियन को मान्यता देने और विभिन्न भत्ते दिए जाने सहित कई मांगें उठा रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनके समाधान के लिए पुलिस, प्रशासन, जल विद्युत निगम और कार्यदायी संस्था एलएनटी के अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। इसके बावजूद हर बार आश्वासन ही मिला है और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। संविदा श्रमिक संघ के अध्यक्ष प्रदीप चौहान ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक परियोजना में कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान ओबीसी मोर्चा केे प्रदेश अध्यक्ष राजेश नौटियाल भी उपस्थित रहे।