आरोपी डॉक्टर ने भी उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और कहा कि ‘बहुत हीरोइन बनते हो, अगर कार्य दिवस के बाद मिल भी जाओगे तो तुम्हारा क्या चला जाएगा।’ इन महिलाकर्मियों का कहना है कि सीएमएस और डॉक्टर की बात न मानने पर उन्होंने अपना रसूख दिखाते हुए उनका तबादला दूसरे अस्पताल में करवा दिया। जहां उनकी ड्यूटी रात को लगाने को कहा है।
महिलाकर्मियों ने कहा कि रोज-रोज के मानसिक उत्पीड़न और छींटाकशी से तंग आकर उन्होंने शिकायत की है। स्वास्थ्य महानिदेशक को संबोधित इस शिकायत की प्रति मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, महिला आयोग और सीएमओ को भी भेजी गई है। वहीं, आरोपी सीएमएस का कहना है कि ड्यूटी के दौरान फोन पर देर तक बातें करते रहना और काम में लापरवाही से टोकने पर महिलाकर्मी अनर्गल आरोप लगा रही हैं। कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि षडयंत्र का खुलासा हो सके। वहीं, सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता ने भी इस तरह की शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच की बात कही है।