उत्तराखंड के बागेश्वर की महिलाएं शराब से छुटकारा पाने के लिए इस 'बिच्छू' घास का सहारा ले रही हैं।
बागेश्वर के भराड़ी बाजार से शराब की दुकानें हटाने की मांग को लेकर ऐठाण, भराड़ी और आसपास के गांवों की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बिच्छू घास लेकर महिलाओं ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। डेढ़ घंटे तक उन्होंने दुकानों के बाहर धरना दे दिया। इस बीच दुकानों के शटर गिरे रहे।
महिलाओं ने धमकी दी कि 15 दिन में दुकानें नहीं हटाई गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सेल्समेन और पियक्कड़ों को बिच्छू घास लगाकर सबक सिखाया जाएगा। तहसीलदार के आश्वासन पर महिलाएं शांत हुईं।
शनिवार सुबह महिलाएं महिला मंगल दल की अध्यक्ष कांति ऐठानी के नेतृत्व में बाराही देवी के मंदिर में एकत्रित हुईं। यहां से नारेबाजी करती हुई शराब की दुकानों पर पहुंचीं और देसी, अंग्रेजी शराब की दोनों दुकानें बंद करा दीं। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा बाजार में शराब की दुकानों से हर कोई परेशान हैं।
दुकानों से गांवों में जमकर तस्करी
नशेड़ियों की अराजकता से महिलाओं का बाजार से गुजरना मुश्किल हो गया है। युवा कम उम्र में ही नशे के आदी हो रहे हैं। अत्यधिक शराब पीने से अब तक कई लोगों की अकाल मृत्यु हो चुकी है। दुकानों से गांवों में भी जमकर तस्करी हो रही है। इस पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है।
इस दौरान मौके पर पहुंचे तहसीलदार मदन सिंह बिरोड़िया ने जिलाधिकारी को मांग से अवगत कराने का आश्वासन दिया। महिलाओं ने 15 दिन की मोहलत दी।
धरना प्रदर्शन और जुलूस में नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी, विमला गढ़िया, मधु ऐठानी, प्रेमा आर्या, गोपुली देवी, नंदी ऐठानी, पुष्पा देवी, रेवती, खष्टी, उषा दानू, बसंती, कौशल्या, रीता देवी, गीता ऐठानी, कुंथी कोरंगा, गोपुली देवी, नंदी, रीता ऐठानी आदि शामिल थे।