तीन महीने से अधिक होने पर खतरा
डॉ. रीना ने बताया कि तीन महीने से अधिक समय के गर्भधारण में अबॉर्शन की दवा लेने पर खतरा अधिक होता है। डॉक्टर भी अबॉर्शन के दौरान यह देखते हैं कि गर्भावस्था एडवांस स्टेज में न पहुंच गई हो।
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फट जाती है फेलोपियन ट्यूब
डॉ. रीना ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि बच्चा बच्चेदानी में न ठहरकर फेलोपियन ट्यूब में होता है। महिलाओं को यह पता नहीं होता और वह अबॉर्शन की दवा खा लेती हैं। ऐसे में फेलोपियन ट्यूब फट जाती है। इसके बाद ब्लीडिंग इतनी अधिक हो जाती है कि महिला की हालत गंभीर हो जाती है। मरीज शॉक में चली जाती है और पल्स भी नहीं मिलती। ऐसे में मरीज का बचना भी मुश्किल हो जाता है।