प्रसव पीड़ा से कराहती नाजुक को लेकर वह बाहर निकली तो परिसर में सड़क पर वह गिर गई और वहीं पर उसने एक बच्ची को जन्म दिया। मदद की गुहार लगाई तो अस्पताल स्टाफ आया और फिर नाजुक को लेकर डिलीवरी वार्ड में ले गए, जहां उसे बिना बिस्तर के पलंग पर लिटा दिया गया। इधर, प्रसव के बाद नवजात बच्ची की मौत हो गई। इधर नाजुक के पति जाकिर ने बताया कि प्रसव के बाद उनकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।
रात में अस्पताल स्टाफ से नहीं मिली मदद
अस्पताल में अपनी पत्नी फिरदौस को लेकर आए टेलर मास्टर जावेद रजा ने बताया कि उनकी पत्नी अस्पताल में दो दिन से भर्ती थी। रात में उन्हें किसी स्टाफ से कोई मदद नहीं मिली। बताया कि रात एक बजे से लगातार वे स्टाफ को पत्नी को देखने के लिए कहते रहे, लेकिन बुधवार सुबह छह बजे तक कोई स्टाफ नहीं मिला।
प्रसव के बाद नवजात बच्ची की मौत का मामला मेरे संज्ञान में है। शिकायत पर मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी इसमें दोषी होगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. एचसी त्रिपाठी, अस्पताल अधीक्षक, किच्छा