प्रियंका देवी ने भेजा है यह पत्र
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पिछले लंबे समय से वह बैंकों के चक्कर काट रही है लेकिन लोन नहीं मिल रहा है। इसलिए सरकार उसे गांव में कच्ची शराब बनाने की अनुमति दे। इसके लिए उसे लोन की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और वह कुछ लोगों को रोजगार भी दे सकती है। प्रियंका का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
पांच अगस्त 2018 को अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और लोन की प्रक्रिया शुरू की। मंगलवार को पहली किश्त के रूप में उन्हें 15 लाख रुपये मिल गए। इंद्रजीत सिंह असवाल ने बताया कि वह गांव में मसाला उद्योग लगाना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि गांव में खेत बंजर हो गए हैं। उनकी योजना वहां मसाला उगाने की है। हल्दी-अदरक जैसे मसालों को बंदर और जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। आसपास के गांवों से मसाला खरीदने के बाद वह गांव में ही पीसकर बाजार तक पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड समेत अन्य योजनाओं का लाभ देने का भी आश्वासन दिया है।