कौशल्या देवी ने हिम्मत नहीं हारी और हो हल्ला कर दरांती से तेंदुए पर वार करने लगी। महिला को आक्रामक देख तेंदुआ भाग गया। मंगलवार की सुबह चंथरिया रेंज से वनाधिकारी और कर्मचारी महिला का हाल जानने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल पिंजरा नहीं लगाया गया तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को तेंदुए ने भैरव दत्त सती के गोशाले के अंदर घुसकर तीन गायों को मार दिया था।