पति की लंबी आयु के लिए किए जाने व्रत के लिए महिलाएं तैयारियों में जुट गई हैं।
सज गया बाजार
करवाचौथ के दिन गृहिणियां अपनी खूबसूरती में चार चांद लगाने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। साड़ी-चूड़ियों के साथ डिजायनर करवे खूब खरीदे जा रहे हैं। करवाचौथ के लिए बाजार सज गया है।
गोटे, सितारे और शीशे जड़े करवे महिलाओं को लुभा रहे हैं। डिजायनर छलनी और पूजा की थाली की आकर्षक सजावट की गई है। साड़ियों में महिलाओं की पसंद हल्की और कम रेंज ही है। लाल चूड़ियों के साथ मैचिंग श्रृंगार सामग्री की खरीदारी की जा रही है।
इसलिए रखते हैं यह व्रत
22 अक्तूबर को व्रत के दिन सुबह 6:56 बजे चतुर्थी तिथि लग जाएगी जो 23 अक्तूबर सुबह 8:41 बजे तक रहेगी। चंद्रोदय रात 8:12 पर होगा, पिछले साल चंद्रोदय 8:06 बजे हुआ था।
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि 17 अक्तूबर से 16 नवंबर तक चतुर्थ ग्रह योग बन रहा है जो करवाचौथ के लिए शुभ है। आचार्य भरतराम तिवारी ने बताया कि द्रोपदी ने यह व्रत किया था, जिसके बाद पांडव विजयी रहे। तब से ही यह व्रत प्रारंभ हुआ।
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