बुधवार को पुलिस कस्बा चौकी बहादराबाद पहुंची और उनका इंतजार करने करने लगी। इस बीच एक काले रंग की पल्सर बाइक पर दो युवक दिखे। दोनों पुलिस को देखकर घबरा गए और भागने लगे। हड़बड़ाहट में उनकी बाइक गिर गई और पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में दोनों ने अपना नाम व पता विकास पुत्र मुन्नू और कपिल पुत्र मांगेराम निवासी ग्राम मांडला, थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर व हाल गांव रावली महदूद बताया। विकास ने बताया कि उसका रावली महदूद में मकान है।
यहां शंकरपुरी निवासी रोमा पत्नी अर्जुन की बहन किराए पर रहती थी। यहां रोमा का भी आनाजाना था और वह दो साल अपनी बहन के साथ किराए पर रही थी। एसएसपी ने बताया कि इसी बीच रोमा और विकास का प्रेम प्रसंग हो गया।
इसकी भनक विकास के परिजनों को लगी तो उन्होंने विरोध किया। इस पर विकास ने रोमा से संबंध खत्म कर लिए और रोमा भी रावली महदूद से शंकरपुर आकर आकर रहने लगी। करीब तीन महीने पूर्व रोमा को मौसी कहने वाले आकाश निवासी शंकरपुरी ने दोबारा दोनों की मुलाकात कराई। इसके बाद विकास ने रोमा को अपनी आईडी पर सिम और मोबाइल लेकर दिया।
इस बीच रोमा ने विकास को बताया कि उसके अपने जेठ सुदेश से भी अवैध संबंध थे, पर अब वह उसे पसंद नहीं करती है। रोमा ने बताया कि सुदेश उस पर संबंध बनाने का दबाव बना रहा है और उसे हमारे संबंधों का भी पता चल गया है।
इसके बाद आकाश और रोमा ने विकास से सुदेश को रास्ते से हटाने की बात कही। इस पर विकास ने अपने चचेरे भाई कपिल और आकाश (रोमा का भांजा) के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। हत्या से पहले आकाश और कपिल ने विकास को एक मोबाइल लूटकर दिया।
फिर रोमा ने सुदेश का मोबाइल नंबर दिया और बताया कि वह ट्यूबवेल मिस्त्री है। साथ ही आकाश ने विकास, कपिल से सुदेश की रेकी करवाई। इसके बाद लूटे गए मोबाइल से विकास ने सुदेश से बात की और बोरिंग करवाने की बात कही। रविवार सुबह कपिल और विकास बाइक से गांव पहुंचे और सुदेश को फोन किया।
सुदेश को बाइक पर बैठाकर दोनों शेरपुर बाजूहेड़ी मार्ग पर पर एक गन्ने के खेत में बोरिंग करवाने के बहाने ले गए और वायर से उसका गला घोंट दिया। फिर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी।
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में प्रयुक्त बाइक, चाकू, खून से सने कपड़े और तीन मोबाइल बरामद किए हैं। फरार चल रहे आकाश की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। इस दौरान एसपी देहात नवनीत सिंह, सीओ चंदन सिंह बिष्ट, गंगनहर कोतवाली प्रभारी राजेश साह मौजूद रहे।
सुदेश हत्याकांड के खुलासे में सबसे अहम कड़ी बना रोमा का मोबाइल और सिम। पुलिस ने रोमा के मोबाइल की कॉल डिटेल और सिमकार्ड की आईडी निकवाई तो वह विकास की निकली। इस पर पुलिस का शक और गहरा हो गया। पुलिस ने विकास की तलाश के लिए मुखबिर को लगाया और पूरे मामले का खुलासा हो गया।
यू ट्यूब पर वीडियो देख की हत्या
एसएसपी ने बताया कि आरोपी विकास ने सुदेश की हत्या करने से पहले यू ट्यूब पर हत्या से संबंधी कई वीडियो देखी। फिर मोबाइल लूटने की योजना बनाई ताकि लूटे गए मोबाइल से सुदेश को कॉल कर बुलाया जाए और हत्या की जाए। अगर पुलिस कॉल डिटेल निकलवाती है तो उनके बारे में कुछ जानकारी हाथ नहीं लगेगी।
विकास और कपिल दोनों है चचेरे भाई
पुलिस के अनुसार, विकास और कपिल चचेरे भाई हैं। दोनों ही शातिर हैं। पुराकाजी थाने से भी दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। साथ ही हत्याकांड में किसी अन्य की संलिप्तता तो नहीं है, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह, एसएसआई प्रमोद कुमार, एसआई अंकुर शर्मा, एसआई संजय नेगी, एसआई विनोद रावत समेत राहुल, विनोद चपराना, सचिन कुमार, आशुतोष, रामवीर, नीरज राणा, नीता चौहान, सीआईयू प्रभारी रविंद्र कुमार, देवेंद्र भारती, जाकिर, अशोक, सुरेश रमोला, महिपाल, रविंद्र खत्री और नितिन।