अपर सचिव ने मौके पर उपस्थित दून मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, सीएमएस डॉ. मीनाक्षी जोशी व डॉक्टरों से कहा कि प्रसव कक्ष को पूरी तरह स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप बनाया जाए।
इसके बाद उन्होंने सीएमएस और डॉक्टरों की बैठक ली। इसमें उन्होंने मरीजों व तीमारदारों से शालीनता से पेश आने की सलाह दी। साथ ही साफ शब्दोें में कहा कि यदि भविष्य में मरीजों-तीमारदारों के साथ अभद्रता की शिकायत आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद उन्होंने कालेज प्राचार्य व सीएमएस से प्रसूता व नवजात की मौत के मामले मेें जानकारी ली। सीएमएस डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि प्रसूता को 15 तारीख को भर्ती किया गया था। उसे प्रसव कक्ष के बगल में बेड दिया गया था।
डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही थी, लेकिन किसी कारण से सांस लेने में आ रही दिक्कत के चलते वह बरामदे में चली गई, जहां उसे प्रसव हो गया। सीएमएस डॉ. मीनाक्षी जोशी ने उन आरोपों को खारिज किया कि प्रसूता के इलाज में लापरवाही बरती गई।
प्रसव कक्ष का होगा उच्चीकरण
अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि एनएचएम के तहत संचालित लक्ष्य कार्यक्रम के बजट से दून महिला अस्पताल के प्रसव कक्ष का उच्चीकरण किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस तरीके से इस अस्पताल में मरीजों का लोड है उसे देखते हुए इसके प्रसव कक्ष को उच्चीकृत करना बेहद जरूरी है। लक्ष्य कार्यक्रम के तहत हरिद्वार के जिला महिला अस्पताल के प्रसव कक्ष का उच्चीकरण किया जा चुका है। ब्यूरो