गांव के प्रधान प्रह्लाद सिंह रावत ने बताया कि मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर है। हादसे में मृत महिला के शव को लाने के लिए रेक्चा और फिताड़ी गांव से ग्रामीण जंगल की ओर गए हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के ग्रामीण हर साल सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना के लिए वन देवियों की पूजा-अर्चना करने जंगल में जाते हैं। इस हादसे के बाद से गांव में शोक का माहौल है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से प्राकृतिक आपदा में मृत महिला के परिजनों एवं घायलों को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।