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प्रसव पीड़ा के बीच कराहते हुए 6 किमी पैदल चली गर्भवती, इसके बाद मिली एंबुलेंस

Sat, 04 Aug 2018 09:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नौगांव(उत्तरकाशी)
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इस तरह कराहते हुए एंबुलेंस तक पहुंची गर्भवती - फोटो : amar ujala
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बदहाल सड़कों और तबाह पैदल रास्तों के चलते उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों में गर्भवती महिलाओं की दिक्कतें कम होने को नहीं हैं।

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बृहस्पतिवार को उत्तराकशी में नौगांव ब्लाक के रस्टाड़ी कंडाऊ गांव से एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा झेलते हुए छह किमी का जोखिम भरा पैदल रास्ता तय कर अस्पताल पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ा। जिले में अब भी करीब डेढ़ सौ से अधिक गर्भवती महिलाएं दूरस्थ गांवों में कैद हैं।

बता दें कि सीमांत जनपद में अधिकांश लिंक मोटर मार्ग और गांवों के पैदल रास्ते बदहाल पड़े हैं। अब बरसात के दौरान स्थिति और भी विकट हो गई है। अलग-थलग पड़े गांवों में कैद गर्भवती महिलाओं और अजन्मे शिशुओं की जान को खतरा पैदा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मानसून से पहले ही दुर्गम गांवों में सर्वे कराकर गर्भवती महिलाओं को चिह्नित तो किया, लेकिन इनके सुरक्षित प्रसव के कोई इंतजाम धरातल पर नहीं हुए हैं।
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अभी दो दिन पहले ही रस्टाड़ी कंडाऊ गांव की एक गर्भवती महिला को खासे जोखिम के साथ नौगांव अस्पताल लाया गया था। अब बृहस्पतिवार को फिर इसी गांव में एक अन्य महिला ललिता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल ले जाने का संकट खड़ा हो गया।

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सुरक्षित प्रसव होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली

अन्य महिलाओं के साथ गर्भवती महिला
गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुहैया कराई गई पालकी तो थी, पर गांव का पैदल रास्ता इस हाल में नहीं था कि गर्भवती महिला को पालकी पर सड़क तक लाया जा सके। ऐसे में इस महिला को प्रसव पीड़ा से कराहते हुए छह किमी की दुर्गम दूरी पैदल ही तय करनी पड़ी।

हालांकि इसके बाद सड़क पर 108 आपात एंबुलेंस के पहुंचने पर उसे नौगांव अस्पताल लाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। जिले में अब भी करीब डेढ़ सौ से अधिक गर्भवती महिलाएं दूरस्थ गांवों में कैद हैं। ऐसे में उनकी और गर्भ में पल रहे अजन्मे शिशुओं की जान पर मंडरा रहा खतरा टला नहीं है।

रस्टाड़ी कंडाऊ गांव से पहुंची महिला का अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया गया। मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। दूरस्थ गांवों से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए पालकी मुहैया करायी गई हैं। रास्तों की बदहाली के चलते इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
-डा. निधि रावत, चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौगांव
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