बांग्लादेश और म्यांमार से युवतियों को मानव तस्करी के जरिये उत्तराखंड लाया जा रहा है। यह सनसनीखेज खुलासा नारी निकेतन में मौजूद तीन संवासिनियों के घर एवं अपनों की पड़ताल के दौरान हुआ है।
छह माह पहले रुड़की में पुलिस दबिश के दौरान पकड़कर दून नारी निकेतन लाई गईं दो युवतियों ने बताया कि उन्हें तस्करी के जरिये बांग्लादेश और म्यांमार से यहां लाया गया। जबकि एक अन्य युवती को हरिद्वार पुलिस ने भेजा था। नेपाल निवासी इस युवती का कहना है कि उसे भी तस्करी के जरिये लाया गया था। वह दिल्ली से भागकर हरिद्वार आ गई थी। जहां से उसे दून नारी निकेतन लाया गया।
बता दें कि अमर उजाला के मूक-बधिर संवासिनी के साथ बलात्कार का मामला उठाने के बाद नारी निकेतनों को सुधारने की कवायद में यह एकदम नया तथ्य सामने आया है। अभी तक नारी निकेतन से संवासिनियों को मानव तस्करी के जरिये बाहर भेजने के आरोप लगते रहे हैं। अब इन युवतियों के संबंध में केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
पूछताछ में पता चला है कि करीब एक साल पहले सहेलियों के साथ घूमने निकली ये युवतियां मानव तस्करों के हत्थे चढ़ गईं थीं। वहां से इन्हें उत्तराखंड लाया गया।
इंटरनेट के माध्यम से म्यांमार के जर्नलिस्ट से हुआ संपर्क
बांग्लादेश की दो संवासिनियों के घर-पते के संबंध में शासन को जानकारी मिल गई है। अपर सचिव समाज कल्याण मनोज चंद्रन ने बताया कि इन्हें घर भेजने के संबंध में दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों को सूचित किया जा रहा है। युवतियों के घरवालों से कहा गया है कि वह बांग्लादेश विदेश मंत्रालय की जांच रिपोर्ट के साथ आएं। साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
इन्हीं के साथ एक म्यांमार की युवती भी मिली है। तस्करों के आतंक से यह बेहद डरी है। अपर सचिव चंद्रन ने जब सू की और म्यांमार के दूसरे नेताओं का नाम लिया तो मुश्किल से इसने अपने पिता और घर की जानकारी दी।
इसके बाद म्यांमार की मीडिया को सूचित करने के साथ गूगल पर उसका गांव तलाशा गया तो गांव की पुष्टि हुई। अपर सचिव ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से एक मीडियाकर्मी से संपर्क हुआ है, उसे संवासिनी के घर पते और पिता की दुकान पर जाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेंगे।
...तो बाकी महिलाएं कहां गईं?
संवासिनियों ने बताया कि उनके साथ और युवतियों को भी उत्तराखंड लाया गया था। वह कहां हैं, उन्हें पता नहीं है। इस लिहाज से, यह अच्छा हुआ कि रुड़की पुलिस की रेड के कारण युवतियों के नारी निकेतन आने की वजह से बांग्लादेश और म्यांमार से मानव तस्करी का राज खुल गया।
साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि इन युवतियों के साथ तस्करी करके लाई गईं अन्य महिलाएं कहां हैं? उन महिलाओं को कहां-कहां भेजा गया?