धर्म आधारित जनगणना के ताजा आंकड़े समाज में महिलाओं के प्रति पुरुषों के नजरिये को भी परिभाषित कर रहे हैं। जनसंख्या के लिहाज से हिंदू और मुसलमान भले ही ईसाइयों से अधिक हैं, लेकिन लिंगानुपात में वह ईसाइयों से काफी पीछे हैं। इस मामले में सबसे खराब हालत बौद्ध धर्म की है। यहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या लगभग आधी ही है।
साल 2011 की जनगणना के अनुसार दून जिले में हिंदुओं में एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 908 है, जबकि मुसलमानों में यह औसत 880 है। ईसाई धर्म में महिलाओं की संख्या प्रति हजार पुरुषों पर 1015 है।
आंकडे़ बताते हैं कि ईसाइयों में ने केवल औसत बेहतर है, बल्कि यहां महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले अधिक है। जबकि सिखों में प्रति हजार पुरुषों पर 910 महिलाएं हैं। जबकि बौद्ध धर्म में एक हजार पुरुषों पर केवल 509 महिलाएं हैं। जैन धर्म में प्रति हजार पुरुषों पर 952 महिलाएं हैं।