एक महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ चीला शक्तिनहर में छलांग लगा खुदकुशी करने का प्रयास किया लेकिन एक युवक ने देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर सभी को पानी से सुरक्षित निकाला और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
जानकारी के मुताबिक, मूलरूप से नेपाल निवासी गुड्डी पाठक (32) पत्नी स्व. रामकुमार पाठक भरत विहार गली नंबर चार में किराए के मकान में तीन बच्चों के साथ रहती है। 2011 में हुए एक हादसे में पति की मौत के बाद बच्चों के लालन पालन की जिम्मेदारी गुड्डी पर थी। पति की मौत के बाद क्लेम के रूप में उसे 15 लाख रुपये मिले थे।
वर्ष 2013 में एक प्रापर्टी डीलर ने मकान और दुकान बनाकर देने का झांसा देकर क्लेम की रकम ले ली। तब से महिला आर्थिक तंगी से जूझ रही है। बच्चों की पढ़ाई भी बीच में छूट गई। रविवार को परेशान होकर उसने पुत्र अनूप (16), पुत्री अमीषा (16) और आकांक्षा (9) के साथ नहर में छलांग लगा दी।
पड़ोसी युवक की सतर्कता से बची जान
रविवार दोपहर को घर से निकलने समय महिला और बच्चों को पड़ोस में रहने वाले मोहित ने देखा था। वह चीला बैराज मार्ग पर वन विभाग के बैरियर से आगे पहुंचा, तभी उसने चारों को चीला शक्तिनहर में कूदते देखा।
तत्काल उसने घटना की सूचना बैराज सुरक्षा गार्ड कीर्तिमणि सिल्सवाल और पुलिस कांस्टेबल शेखर चौहान को दी। पुलिस ने रेस्क्यू कर स्थानीय लोगों की मदद से चारों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। बाद में अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
पीड़ित महिला ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले लाखों की रकम ठगने वाले प्रापर्टी डीलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आईडीपीएल चौकी पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
न इस तरह का मामला संज्ञान में आया है और न ही किसी महिला ने तहरीर दी है।
- प्रकाश पोखरियाल, चौकी इंचार्ज, आईडीपीएल