यहां तक कि उसके निजी अंगों पर भी बोतल और डंडे से चोट पहुंचाई गई। पीड़िता को खाने में कच्चा चावल, एक प्याज, नमक और एक हरी मिर्च दी जाती थी। उसके सिर के बाल भी खींचे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 10 महीने तक बेटी से मिलने या फोन पर बात करने नहीं दिया गया। जब बेटी को कमरे से बाहर निकाला गया, तो वह दिन, महीना, तारीख और साल तक भूल चुकी थी।
जुड़वां बच्चों से भी वंचित रखा
शिकायत में कहा गया है कि पीड़िता ने फरवरी 2025 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। आरोपियों ने उसी दिन से बच्चों को पीड़िता से अलग रखा। उसे अपने बच्चों को छूने तक नहीं दिया गया। पिता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया प्राथमिकी दर्ज कर उपनिरीक्षक शशि को जांच सौंपी है।